सोमवार, 21 सितंबर 2020

विश्व शांति दिवस पर एसडी काॅलेज में भाषण प्रतियोगिता संपन्न


मुजफ्फरनगर । एस कॉलेज ऑफ कॉमर्स, मुजफ्फरनगर में "विश्व शान्ति दिवस" के मौके पर ऑनलाईन भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, जिसका विषय संयुक्त राष्ट्र संघ के की थीम "Shaping Peace Together" रहा। इस ऑन लाईन प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं ने विश्व शान्ति दिवस के अन्तर्गत पूरे विश्व में शान्ति एवं सौहार्द को बनये रखने के लिए अपने-अपने विचार प्रकट किये।


प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमि में डा0 वन्दना वर्मा एसो0 प्रो0 (दृश्य कला विभाग) जैन कन्या, पाठशाला पी0जी0 कॉलेज, मुजफ्फरनगर व डा0 रजनीश गौतम असि0 प्रो0 (दृश्य कला विभाग) डी0ए0वी0 पी0जी0 कॉलेज, मुजफ्फरनगर रहे। प्रतियोगिता का संचालन श्रीमति मानसी अरोरा व संकेत जैन ने किया।


आपने वक्तव्य में बी0कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा तक्षिका चौधरी ने कहा कि यह दिवस केवल एक दिन का न होकर अपितु हर दिन मनाना चाहिए ताकि पूरे विश्व में सभी देशो एवं उनके नागरिकों के बीच में शान्ति एवं सौहार्द की भावना कायम रहे। भुमिका भण्डारी व रूचि कथूरिया ने अपने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि वर्तमान समय में कोविड-19 महामारी के चलते हुए हम सभी नागरिको को व्यक्तिगत शान्ति के अतिरिक्त जनजागरण में जागरूकता की मशाल को जलाना चाहिए तथा इस विश्वव्यापी महामारी से लड़ने के लिए सभी नागरिको को जागरूक करना चाहिए क्योंकि हम सभी को बीमारी से लडना है, बीमार से नही। बी०एस०सी०(विज्ञान) की छात्रा दिव्या गोयल ने भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के शांति के स्वरूप के रूप में पंचशील सिद्धान्त के बारे में बताते हुए कहा कि यह पंच सूत्र जिसे पंचशील सिद्धान्त भी कहते है मानव कल्याण तथा विश्वशान्ति के आदर्शों की स्थापना के लिए है। बी०एस०सी०(होम सांइस) संकाय से शाजिया, दीपांशी, लवि, काजल ईशा, रिया, हिमानी, नुरसबा, प्रतिभा, स्वाति, खुशी, निधि व बी0एफ0ए0 संकाय से शिवानी गुलनाज, अक्षय, आकाश, बुशरा, संगीता, पायल, चांदनी, प्राची, मुक्ता, युक्ता, सलोनी, मुस्कान, शिखा, राधिका, वैशाली, किरन, मधु, निदा आदि छात्राओं ने विश्व शान्ति को प्रेरित करने वाले अनेक मनमोहक चित्रों को प्रस्तुत किया।


अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डा0 सचिन गोयल ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को समझाना चाहिए कि मानव कल्याण की सेवा से बढकर कोई सेवा नही है हमारी भाषा, संस्कृति, पहनावे भिन्न-भिन्न हो सकते है लेकिन विश्व के कल्याण का मार्ग एक ही है मनुष्य को नफरत छोडकर प्रेम के मार्ग पर चलना चाहिये। शान्ति के महत्व को स्वीकार करते हुए हम इसके लक्ष्यों को तभी हासिल कर सकते है जब अपने जीवन में इसका पालन करें, इसका आरम्भ सर्वप्रथम हमे अपने आप से करना चाहिए, हमे किसी के साथ भी हिंसा नही करनी चाहिए और न ही हिंसा वाले किसी व्यक्ति का साथ देना चाहिए अपितु सभी नागरिको को व्यक्तिगत एवं राष्ट्रीय शान्ति कायम रखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। किसी भी जाति, धर्म के प्रति मन में भेदभाव या कटूता न रखें तभी हम देश के अच्छे नागरिक कहलाएगें।


इस ऑनलाईन प्रतियोगिता को सफल बनाने में वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष, डा0 दीपक मलिक बी0ए0 संकाय की विभागाध्यक्षा श्रीमति एकता मित्तल, श्रीमति नीतु गुप्ता, डा0 रवि अग्रवाल, सौरभ शर्मा, नुपुर, सपना, ज्योति, विपाशा, प्रियंका, रूखसार, आकांक्षा, अंकित धामा, संकेत जैन, कमर रजा, कृष्ण कुमार, कुशलवीर, दीपक गुप्ता आदि का योगदान रहा।


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